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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 86, जून(प्रथम), 2020

संवेदना

डॉ० अनिल चड्डा

मैं अपने-आप में सम्पूर्ण नहीं हूँ अन्यथा ये क्यों चाहता कि तुम मेरी आहत भावनाओं को सम्बल दो मेरी अधूरी इच्छाओं को सहारा दो मैं क्या जानूँ कि तुम स्वयं ही अधूरी हो या तुम में कोई संवेदना ही नही!


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