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वर्ष: 2, अंक 41, जुलाई(द्वितीय), 2018



परिचय

गणेश गनी

  
गणेश गनी मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के आदिवासी 
क्षेत्र पांगी घाटी से सम्बद्ध कवि हैं ।हिमाचल विश्वविद्यालय 
से बी. ए. , जम्मू विश्वविद्यालय से बी. एड. ,पंजाब विश्वविद्यालय 
से एम.ए. व एम. बी.ए. , इग्नू से पी जी जे एम सी की पढ़ाई के 
उपरांत इन दिनों कुल्लू और मंडी के ग्रामीण इलाकों में 
अव्यावसायिक निजी पाठशाला ग्लोबल विलेज का संचालन कर रहे हैं ।

गणेश गनी की कविताएं हिन्दी की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं वसुधा, 
पहल, बयां,आकंण्ठ, सेतु , विपाशा सहित कई पत्र- पत्रिकाओं 
में प्रकाशित हो चुकी हैं। हिमतरू पत्रिका ने आपकी कविताओं 
पर एक विशेषांक भी प्रकाशित किया है। हाल ही में रश्मि प्रकाशन 
ने आपकी किताब ' किस्से चलते हैं बिल्ली के पाँव ' प्रकाशित की है।

सम्पर्क- 
गणेश गनी
एम सी भारद्वाज हाऊस 
भुट्ठी कॉलोनी,
डाक शमशी, जिला कुल्लू 
हिमाचल प्रदेश- 175126
मोबाइल-9736500069
Email: gurukulngo@gmail.com



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