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वर्ष: 2, अंक 41, जुलाई(द्वितीय , 2018



विजन दो हज़ार बीस मिशन कलाम


राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित"


हमारे देश को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करने का सपना हर भारतीय का है। दो हज़ार बीस में भारत विकसित कैसे बने? इस हेतु मिसाइल मेन पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम साहब ने पाँच सौ एक्सपर्ट के साथ डिपार्टमेंट ऑफ साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी के विजन दो हज़ार बीस नाम से डॉक्युमेंट तैयार किया। इसके अनुसार हमारा देश दो हज़ार बीस तक विकसित बनाने की रणनीति तैयार की गई थी। कलाम की कृति इंडिया 2020 ए विजन फ़ॉर द न्यू मिलेनियम में इसी का उल्लेख है। विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों की शिक्षा देना। वर्तमान शिक्षा में आमूल चूल परिवर्तन करना आदि शामिल है। वर्तमान में शिक्षा प्रणाली मैकाले की शिक्षा प्रणाली से चल रही है जिसे बदलने की आवश्यकता है।

विद्यार्थियों में इन दिनों देखने मे आया है कि उनमें आत्मविश्वास नहीं है। ज्ञान आधारित शिक्षा प्रणाली की आज जरूरत है। दो हज़ार बीस तक शिक्षा में प्राथमिक कक्षाओं से ही ज्ञान आधारित शिक्षा प्रणाली होगी जिसमें जीवन मूल्यों की शिक्षा देने हेतु महापुरुषों की जीवनियां,क्रांतिकारियों की जीवनियां वेद पुराण रामायण गीता आदि भी पाठ्यक्रम में शामिल होंगे। साथ ही विभिन्न धर्मों के शास्त्र व महापुरुषों की कही बातें भी शामिल होगी। जीवन मूल्यों की शिक्षा नैतिक शिक्षा को शामिल कर शिक्षा का स्तर सुधारा जाएगा। युवाओं को संस्कारित व शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए जाने का प्रयास होगा। योग आयुर्वेद की ओर देश लौटेगा।

प्राचीन ऋषि मुनियों की संस्कृति का फिर से जन्म होगा।

हमारा देश आर्थिक रूप से सक्षम होगा और विश्व के विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होगा। मूल्य आधारित शिक्षा से वैज्ञानिक सोच विकसित करनी होगी। अन्धश्रद्धा रूढ़ियों आदि से तभी छुटकारा मिलेगा।

कलाम साहब कहते थे कि भारत के किसानों की हालात में सुधार की जरूरत है उन्हें खेती के अत्याधुनिक साधनों व तकनीकियों की जानकारी देने की जरूरत है। खेतों में कैसे अधिक उत्पादन हो इस हेतु किसानों को प्रशिक्षित करने की कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है। भारत गांवों में बसता है इसलिए हमारे गांवों के विकास की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। विकास के मामले में जहाँ तक गाँव व शहर एक समान नहीं हो जाएंगे तब तक देश का विकास नहीं हो पाएगा। कलाम साहब नद कानपुर में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा था विद्यार्थियों के ज्ञान का उपयोग देश की सेवा में होना चाहिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को इसकी शपथ भी दिलाई थी।

कलाम साहब ने कहा था विजन दो हजार बीस के अनुसार दो हज़ार बीस तक देश मे बेरोजगारी गतिबि निरक्षरता पूर्णतः दूर हो जाएगी। दो हज़ार बीस तक देश की लगभग 135 करोड़ जनसंख्या बेहतर पोषित अच्छे रहन सहन के स्तर वाली पूर्णतः स्वस्थ तथा अधिक औसत आयु वाली होगी।

भारत के सामने कई चुनोतियाँ है जैसे बढ़ती आबादी बेरोजगारी अशिक्षा तकनीकी क्षेत्रों में सुधार करना नागरिकों की सेवाओं में सुधार करना ग्रामीण व शहरी विकास करना जल प्रबंधन जैव विविधता के साथ ही कई प्रकार की वैश्विक समस्याएं हैं। दो हज़ार बीस तक इन सभी पर काम कर भारत को विकसित देश बनाना है। आगामी दो हज़ार पचास तक भारत को शिक्षा तकनीक और प्रोधोगिकी क्षेत्रों में तीस करोड़ से अधिक रोजगार के नये अवसर सृजित करने होंगे। इस हेतु परंपरागत खेती और उद्योग क्षेत्रों में निरंतर कमी आएगी जिसका एक ही समाधान होगा तकनीकी इर असंगठित क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करना । देश की साक्षरता 95 प्रतिशत करना होगा। पचास फीसदी कुपोषण को आठ फीसदी करना होगा।

स्वास्थ्य विद्युत खपत दो हज़ार बीस के भारत मे कम्प्यूटर की संख्या बढ़ाना होगा। सकल घरेलू उत्पाफ में कृषि क्षेत्रों में बढ़ रहे बोझ को तीन गुना कम करना होगा। फॉरेन इन्वेस्टमेंट को दो हजार बीस तक सौ फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य पूर्ण करना होगा।

सकारात्मक सोच और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए दो हज़ार बीस राज स्वास्थ्य शिक्षा व रोजगार के साथ ही सम्पन्न जीवन के लाइट व्यक्ति की आय शिक्षा औसत आयु कुपोषण तकनीकी उपलब्धता के विषयों को मुख्य स्थान दिया गया है।

अब्दुल कलाम ने कहा था कि हमारे देश को एलेक्जेंडर से लेकर ग्रीक तुर्क मुगल पुर्तगाल ब्रिटिश फ्रेंच डच सभी ने जमकर लुटा। ये सभी हमारे देश मे आए। लेकिन आज तक हमने ऐसा नहीं किया। किसी देश को गुलाम नहीं बनाया क्योंकि हम दूसरों की आज़ादी का सम्मान करते हैं। आज हम आजाद तो है लेकिन देश मे अभी भी कई समस्याओं से हम घिरे हैं। उन्होंने कहा था हम सब मिलजर विकसित भारत बना सकते है। देश सेवा के छोटे छोटे कामों को कर सकते हैं। देश की दो तिहाई आबादी ग्रामीण है। इसलिए सबसे पहले हमें गांवों की दशा सुधारनी होगी। दूसरी हरित क्रांति लाकर हमें खेती की उपज दोगुनी करनी होगी। कृषि वैज्ञानिकों के शोध को किसानों को बताना होगा। जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा। कीटनाशकों के प्रयोग को रोकना होगा। पंचायतों का सहयोग लेकर किसानों को ई बैंकिंग मोबाइल बैंकिंग समझाना होगा। एकीकृत ग्रामीण विकास का लक्ष्य पूर्ण करना होगा। भौतिक इलेक्टॉनिक और ज्ञान संबधी संपर्क करना होगा। प्रोधोगिकी शोध प्रबंधन और उधमशीलता पर ध्यान देना होगा। रोजगार सृजन करना होगा। जिससे सत्तर करोड़ ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। पूरे देश मे पानी बिजली स्वास्थ्य व सफाई की ओर भी ध्यान देना होगा। हवा जल विधुत नाभिकीय जैव ईंधन जैसे स्रोतों को फिर से विकसित करना होगा इससे ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा। आधुनिक सिंचाई ड्रिप व फव्वारा पद्धति को बढ़ावा देने हेतु किसानों को प्रशिक्षित करना होगा। उनन्त बीज से जैविक खेती करने का सरल तरीका सिखाना होगा।

दो हज़ार बीस तक सभी गाँव शहर प्रदूषण मुक्त बने भारत स्वच्छ व स्वस्थ बने इस दिशा में कलाम के सपनों को साकार करने की जरूरत है। हरा भरा भारत मे समृद्धि होगी दो हजार बीस तक भारत मे शांति की स्थापना होगी । साथ ही देश एक बड़ी महाशक्ति के रूप में उभरेगा।


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