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वर्ष: 2, अंक 41, जुलाई(द्वितीय), 2018



बरखा रानी


प्रिया देवांगन "प्रियू"


     
बरखा रानी  बरखा रानी ,
जल्दी से तुम आओ ।
खेत सारे सूख गयें है ,
हरियाली तुम लाओ ।
सबको है इंतजार तुम्हारा ,
कब तक तुम आओगे ।
सबके मन में खुशियाँ ,
कब तक तुम लाओगे ।
जल्दी से तुम आ जाओ ,
इंतजार  मत कराओ ।
सूख रहे हैं कंठ हमारे ,
जल्दी प्यास बुझाओ  ।
जब तुम आओगी ,
चारों तरफ हरियाली होगी ,
सब किसानों के मन मे 
खुशहाली होगी।
 

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