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वर्ष: 2, अंक 41, जुलाई(द्वितीय), 2018



हाईकु


प्रजापति गुरुदेव


    
1.
देश के साथ आतंकवाद,बढ़ रहा है,जागो |
2.
सत्तावालो ने मानवता बेच दी ! कैसा विकास !
3.
जागते रहो देश बढ़ रहा है ! भ्रष्टाचार भी !
4.
गमँ हवा के झोंको में बह गया हमारा मकाँ !
5.
गिराये घर 48 डिग्री धूप में सत्तावालों ने |
6.
जलती धूप लोग भटक रहे घर बे घर |
7.
कौन आया है आजकल घर में छत रोशन |
8.
काले चश्मे को पहन के देख लू ? काले धन को !
9.
हाथ पकडे अंधेरे का,चंद्रमा आता घर में |
10.
काले धन पे काले काले चोरों की रात में चचॉ |
11.
नंगी औरत रात में ढँक लेती पूरा आदमी !

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