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वर्ष: 2, अंक 41, जुलाई(द्वितीय), 2018



हाइकु
चाँद निकला


नरेंद्र श्रीवास्तव


   
1.
चाँद निकला रोटी समझकर बच्चा मचला।
2.
चाँद निकला दूधिया रोशनी में नदी नहाये।
3.
चाँद निकला चाँदनी छज्जे पर टिक के खड़ी।
4.
चाँद निकला चाँदनी ने आकर ख़्वाब सजाये।
5.
चाँद निकला मन दर्पण हुआ चेहरा खिला।
6.
चाँद निकला सितारों के बीच में वंशी बजाये।
7.
चाँद निकला चाँदनी तितली-सी उड़ती फिरे।

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