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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 64, जुलाई(प्रथम), 2019

यादें

डॉ गुलाब चंद पटेल

कविता कैसी लगी? किरण अपने आँगन में झाडू लगा रही थी, कमल ने तब मौका देखकर पूछ लिया, किरण ने बताया कि बहुत ही अच्छी लगी, उसने कमल को इशारा किया कि उसकी छोटी बहन आ रही है, कमल कुछ भी बोले उसके पहले किरण ने कमल को बता दिया, कविता का शीर्षक था "अनमोल मोती" कमल के लिए किरण अनमोल मोती थी, वो उसे बहुत प्यार करता था, कमल शादी शुदा था लेकिन उसकी पत्नी का स्वभाव अच्छा नहीं होने से उसे किसी के प्यार की तलाश थी, खोजने से नहीं मिलता है लेकिन अपने आप प्यार मिल जाता है, कमल सरकारी नौकरी में था, वो समाज सेवा में ज्यादा रस रखता था, वो कवि लेखक भी था, उसके बारे में न्यूस पत्रिका में छपी खबर पढकर किरण कमल को बधाई देती थी, वो भी सरकारी नौकरी में थी लेकिन उसकी ऑफिस कमल की ऑफिस से दूरी पर थी, कमल कभी कभी उसे मिलने जाता था, किरण पड़ोस में ही रहती थी लेकिन घर पर मिलना मुश्किल था, वो ऑफिस के लिए जल्दी निकलती थी, उस समय कमल को बाय बाय विथ स्माइल करके जाती थी, ये सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था, कमल ने उसे अपने साथ काम करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता के घर उसका नाम रजिस्ट्रेशन के लिए अपनी कार में चोरी छुपी से ले गया था तब कमल की पत्नी को किसी ने बताया कि कमल किसी लड़की के साथ अपनी कार से जा रहे हैं, कमल ने किरण को एक आश्रम देखने के लिए ले गया तब आश्रम में एक शिवजी के मंदिर दर्शन के लिए गया था और भगवान से प्रार्थना करते हैं हुए किरण को मांग लिया था, जब कमल घर में पहुचा तो उसकी पत्नी ने बहुत डांटा, कहा कि मुजे पता है कि तुम किस के साथ गए थे, कमल ने कहा कि मे मीटिंग में गया था लेकिन कमल की पत्नी ने चुप होने का नाम न लिया, कमल चुप हो गया,

कमल और किरण को इशारा करते हुए किरण की माँ ने देख लिया तो उसने किरण को बाहर आने से मना कर दिया, कमल का बाय बाय करना भी बंद हो गया, किरण भी दुखी हो गई, कमल की पत्नी ने भी ज्यादा वॉच बधाई की कमल किरण से मिलता है कि नहीं, एक बार किरण के साथ कमल को बात करते हुए कमल की पत्नी पूजा ने देख लिया था बहुत झगड़ा किया था, अब कमल और किरण के प्यार में मुस्केलिया बढ़ गई, दौनो का मिलना बंद हो गया था, कमल आज भी याद करते हुए जी रहा है, किरण उसकी खिड़की से कमल को देख लेती है, कमल भी किसी बहाने खिड़की से किरण को देख कर खुश होता है, और उस मीठी यादों को ताजा कर के खुशी से झूम उठता है, कमल अब भी यादो के सहारे जी रहा है, किसी भी बहाने अपनी प्रेमिका को भूल नहीं पाया है, उसकी यादे उसे जिंदा रख रही है, कमल को किरण बहुत याद आ रही है, उसे अपनी जीवन साथी बनाना चाहते हैं लेकिन अब किरण से बात करने के लिए भी मुस्किल हे, किरण भी अपने मात पिताजी से डर रही है, वो कमल से मिलने के लिए तरस रही है लेकिन अपने मात पिता को भी दुखी करना नहीं चाहती है, किरण को एक भतीजा है, उसके पिताजी याने कि किरण के भाई ने सुसाइड किया गया था, अब भतीजे को सम्माल ने की जिम्मेवारी भी किरण के सिर है इस लिए वो उसे छोड़कर कही जाना नहीं चाहती है, किरण को कमल भूल नहीं सकता इस लिए वो किरण की याद में जी रहा है, दिन में एक बार किरण को देख ही लेता है,


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