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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 64, जुलाई(प्रथम), 2019

राजनेता

शंकर सिंह

वो झूठ को सत्य बताकर बिगुल बजा रहे है मगर स्थायी कुछ नहीं सिवाय सत्य के इतिहास उनके ढकोसलो को वहीं फेंक देगा जहाँ हिटलर जैसे लोग वास करते है !


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