मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 64, जुलाई(प्रथम), 2019

आंखें

सत्येंद्र कुमार मिश्र 'शरत्'

तेरी आंखों में आंखें डाल कर देखता हूं जब तेरा मासूम मुस्कुराता चेहरा। आंखों ही आंखों से दिल तक उतर जाने को जी चाहता। खो जाऊं उन आंखों में डूब जाऊं, फिर कभी वापस न आऊं लौट कर।


कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें