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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 64, जुलाई(प्रथम), 2019

बिजली बचाओ

रौली मिश्रा

भारत संस्कृति का देश है
देश में आने वाली योजनाओं को अपनाओ
देश को आगे बढ़ाने के लिए
धन पैसा देश में ही लगाओ
माना बिजली से ज्यादा काम करते हैं
पर व्यर्थ की बिजली न जलाओ
जितनी हो सके उतनी अधिक बिजली बचाओ।।

आज के जीवन में बिजली से ज्यादा काम होते हैं
पर बिजली को उपयोग से ज्यादा न जलाओ
माना बिजली से ज्यादा काम होते हैं
पर व्यर्थ की बिजली न जलाओ
जितनी हो सके उतनी अधिक बिजली बचाओ।।

व्यर्थ मे पंखे चलते
व्यर्थ मे कूलर चलते
व्यर्थ मे लाइटें, ए.सी.चलते
भारत में ऐसे बिजली का बिल न बढ़ाओ
माना कि बिजली से ज्यादा काम होते हैं पर व्यर्थ की बिजली न जलाओ
जितनी हो सके उतनी बिजली बचाओ।।।2

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