मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 64, जुलाई(प्रथम), 2019

प्रीत ने ऐसे शब्द चुने हैं

नरेन्द्र श्रीवास्तव

प्रीत ने ऐसे शब्द चुने हैं। जैसा भी लिखा गीत बने हैं।। दिल में इक़ तस्वीर बसा के। आँखों ने कई ख़्वाब बुने हैं।। जब तक मेरे साथ रहा वो। हर पल खुशी के संग सने हैं।। तनहा होते ही ये पाया। पोर-पोर में दर्द ठने हैं।। ये जीवन है मौसम जैसा। कभी धूप,कहीं छाँव घने हैं।।


कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें