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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 64, जुलाई(प्रथम), 2019

यमदूत

डॉ गुलाब चंद पटेल

बारिश लाता है मेघदूत, इंसान को लेने आता है यमदूत, कहते हैं पाप बढ़ जाता है, तब आ पहुचते हैं वहाँ यमदूत मत रखना तुम मन में वहम, वो नहीं करता किसी पर रहम इंसान जब मर जाता है, उसे जलाया या दफन किया जाता है मौत को संवार ने आता है, वही तो यमदूत कहलाता है अच्छे अच्छे को वो रुलाता है सभी पापियों को भगाता है जल्दी पैर के निशान मिटा दो उसकी लाश को तुम यहाँ से हटा दो, जिसका मौत से ही है नाता वही तो यमदूत है कहलाता जिंदगी के दिन हैं कम, लेने आ पहुचेंगे तुम्हें अब यम


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