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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 64, जुलाई(प्रथम), 2019

दर्पण

अशोक कुमार ढोरिया

1. मेघ दर्पण छपा इंद्रधनुष सुंदर दृश्य 2. सुंदर छटा कुदरती आइना इंद्रधनुष 3. सूर्य दर्पण चमकाता जग को सृष्टि सेवक 4. कटते पेड़ प्रदूषण आइना देखते लोग 5. चाँद दर्पण प्रतिबिंब धरा का गगन चढ़ा 6. श्रम अर्पण परिणाम दर्पण लक्ष्य साकार 7. साहित्य प्रेमी समाज का दर्पण कवि लेखक 8. खाकर धोखा दिखाते हैं आइना वोटर लोग 9. रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार आइना क्या मजबूरी


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