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वर्ष: 3, अंक 53, जनवरी(द्वितीय) , 2019



आपकी अदा तो बड़ी निराली है


प्रीती श्रीवास्तव


                	  
आपकी अदा तो बड़ी निराली है।
चाल भी देखो जरा मतवाली है।।

ये लहराये गेशू ये बिखरी जुल्फें।
निगाहें भी चंचल जाम वाली हैं।।

सुर सुरीला औ शब्दो में है रंगीला।
लवो पर कमसिन हल्की लाली है।।

लचीले बदन पर है जोर किसका।
बता किसकी इतनी नखरेवाली है।।

किस्मत वाला है तेरा चाहने वाला।
धनी किस्मत की तू भाग्यशाली है।।

आ जाये कभी तू मेरी महफिल में।
खुले दर मेरा घर खाली खाली है।।
 

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