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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 77, जनवरी(द्वितीय), 2020

सकारात्मक चिंतन के प्रेरक व्यक्तित्व श्रीगोपाल नारसन

डॉ मंजू सैनी

अमृतबेला जिसे हम ब्रह्ममुहूर्त भी कहते है,उस समय प्रतिदिन मोबाइल पर एक काव्यात्मक संदेश मिलता है, जिसमे परमात्म चिंतन,कुछ अच्छा करने की सोच व सबका भला करने ललक दिखाई पड़ती है।यह संदेश देवभूमि उत्तराखंड की इंजीनियर नगरी रुड़की निवासी श्रीगोपाल नारसन द्वारा लिखित और प्रेषित होता है।उनके ये नियमित संदेश व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर पर देखे व पढ़े जा सकते है।मां सरस्वती के इस पुत्र की सादगी,विन्रमता, धैर्य,ईमानदारी, कर्मठता, अपनत्व के सभी कायल है। डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट को उत्तराखंड की शान कहा जाए तो अतिश्योक्ति नही होगी।अनेक क्षेत्रों में इन्हें महारत हासिल है।व्यवसाय से उपभोक्ता राज्य आयोग के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। विगत 28 वर्षों से उपभोक्ता जागरूकता में अपनी राष्ट्र व्यापी भूमिका निभा रहे हैं।उपभोक्ता कानून की गहन जानकारी रखते हैं ,तभी तो आकाशवाणी, विभिन्न समाचार पत्रों व जगह जगह जाकर वे जागो ग्राहक जागो की अलख जगाते है।बहुत से शिक्षण संस्थान इनको अपने यहां गेस्ट लेक्चर के लिए बुलाते हैं ताकि कानून की जानकारी स्कूली बच्चों को मिल सके।जिसके लिए डॉ श्रीगोपाल नारसन सदैव ततपर रहते हैं,वह भी बिना किसी लालच के।निस्वार्थ भाव से कानून की सेवा करने के कारण वे विभिन्न शिक्षण संस्थाओं व विधिक सेवा प्राधिकारण के शिविर में निःशुल्करूप से उपभोक्ता कानून की जानकारी सभी को देते हैं।उनका मानना है कि देश के प्रत्येक व्यक्ति को कानून की समझ होनी जरूरी है।वो चाहते हैं कि सब जानकारी सब तक पहुंचे।ताकि प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के बारे में जानकारी रख सके।डॉ श्रीगोपाल नारसन, एडवोकेट होने के साथ साथ जाने माने लेखक भी हैं।उनकी अब तक 16 पुस्तके प्रकाशित हो चुकी हैं।मुझे तो इनकी लिखी पुस्तक 'मैंविद्योतमा' पढ़ने मिली ।मैंने उस पुस्तक को लगभग 10 बार पढ़ा।यह अतिविशिष्ट पुस्तक हैं।हम सब के बापू ग़ांधी जी पर इन्होंने अनेक लेख लिखे हैं ,जो अपने आप मे सारगर्भित हैं। गांधी जी के बारे में इन्होंने बहुत गहनता से अध्ययन किया है ।जो इनके लेख से साफ साफ पता भी चलता हैं। वे अपना खाली समय साहित्य को ही देते हैं।हर दिन नए टॉपिक पर कविता रूप में लिखते हैं ,जो बहुत ही सारगर्भित होती हैं।काव्य पर इनकी अच्छी पकड़ हैं।मैं सच कहु तो ये अच्छे ज्ञाता हैं हिंदी साहित्य के।इसके साथ ही डॉ श्री गोपाल नारसन ,उत्तराखंड सरकार से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।बेबाक वक्ता के रूप में आप इनको देखते भी होंगे। बहुत बार आपने इन्हें टीवी चैनलों पर बहस करते देखा होगा।इनके अनेक इंटरव्यू भी प्रसारित हुए।वे बहुत ही संयमित, मर्यादित व्यवहार करते है।बहुत ही साफ गोई से अपनी बात को रखते हैं। उत्तराखंड कांग्रेस संगठन में भी वे एक जाने माने चेहरा हैं।प्रदेश प्रवक्ता के रूप में कुशलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते है।एक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में भी ये जाना माना नाम है।देश विदेश की अनेक पत्र और पत्रिकाओं में इनके लेखों को पढ़ा जा सकता हैं।ये बहुत से पत्र और पत्रिकाओं के साथ जुड़े भी हैं ।डॉ श्री गोपाल की लेखनी में स्वंय माँ सरस्वती का वास है। अनेक सम्मानो से विभूषित डॉ श्री गोपाल नारसन वर्तमान में "विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ भागलपुर, बिहार"के अवैतनिक उपकुलसचिव भी हैं।इसके पीछे इनका हिंदी प्रेम व अथक परिश्रम हैं।हिंदी साहित्य के लिए इन्होंने अपने बहुत कीमती समय दिया हैं।जो हिंदीसाहित्य जगत के लिए सम्मान का विषय हैं।हिंदी साहित्य को आज ऐसे ही जुझारू साहित्यकार की जरूरत है।इनकी ईमानदारी इनके सेवा भाव से ही झलकती हैं।ये बहुत अच्छे व्यक्तित्व के धनी हैं।बहुत से सम्मान से इन्हें नवाजा जा चुका है।राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनको अनेक बार सम्मानित किया जा चुका है।हम सबके लिए भी ये गर्व की बात हैं।"अंतर्राष्ट्रीय सिद्धार्थ साहित्य कला"द्वारा इनको अंतरराष्टीय पुरुष्कार प्रदान किया गया हैं।अपने विद्यार्थी जीवन मे ये अच्छे खिलाड़ी रह चुके है।डॉ श्री गोपाल नारसन अच्छे विद्यार्थी रहे हैं।अपनी शिक्षा पर पूरा ध्यान दिया है।इन्होंने पांच किमी पैदल चाल में राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त किया हुआ है।दौड़ व तैराकी में भी इनकी भागेदारी रही हैं।विद्यार्थी जीवन मे भी बहुत से पदक लिए है और माता पिता का नाम रोशन किया है।रुड़की ही नही उत्तराखंड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ये एक सक्रिय समाज सेवी के रूप में जाने जाते है।साहित्य जगत के भी जाने माने नाम हैं।इनकी लगन और परिश्रम बेमिशाल हैं।ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि इनका हौसला ऐसे ही बना रहे। साहित्य के लिए लेखनी ऐसे ही चलती रहे, बिना रुके, बिना थके। मुझ जैसे साहित्यकारों का मार्गदर्शन ये हमेशा करते रहे।माँ सरस्वती डॉ श्री गोपाल नारसन पर अपनी कृपादृष्टि ऐसे ही बनाये रखे।


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