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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 77, जनवरी(द्वितीय), 2020

मुबारक हो नया साल ...

वीरेन्द्र कौशल

नया साल रहे सब खुशहाल आने वाला हर पल हो लक्की करें जीवन में खूब तरक्की बच्चे करे मौज़ वो भी हर रोज़ युवा की भी हर उम्मीद हो पूरी कोई भी इच्छा न रहे अधूरी बड़े भी खूब करे मस्ती हालात महंगी चीजें करें सस्ती बुजुर्गों का सिर पर रहे आशिर्वाद का हाथ कोई न समझे अपने को अनाथ सभी मिलकर रहे कोई बुराई न पनपे न निर्भया या फिर कोई हैदराबाद न धर्म की चिंगारी या दंगे फसाद न कोई दारिन्दगी न उन्नाव पुरंतया सफल हो ध्येय बेटी बचाओ हर तरफ अमन चैन और भाईचारा खूब तरक्की करें हिन्दुस्तान हमारा हर व्यक्ति साधन सम्पन और खुशहाल सभी को दिल की गहराईयों से सभी को मुबारक हो नया साल ....... मुबारक हो नया साल .......


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