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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 77, जनवरी(द्वितीय), 2020

प्यार के लिए

चंद्र मोहन किस्कू

मुझे तैरना आता नहीं फिर भी कुद पड़ूंगा तुम्हे बचाने के लिए मरेंगे तो साथ मरेंगे जियेंगे तो साथ जियेंगे . उफनती नदी मुझे डरा नहीं सकते समुद्र तुम अहंकार न करो अपनी लम्बाई और चौड़ाई की मैं तो कूदूंगा ही प्यार को बचाने तुम्हे क्या मालूम प्यार का अर्थ प्यार की मिठास यह जीवन भरा है प्यार से प्यार के लिए साथ मरना संभव है और साथ जीना भी .


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