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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 77, जनवरी(द्वितीय), 2020

कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष

आलोक कौशिक

शिक्षा से रहे ना कोई वंचित संग सभी के व्यवहार उचित रहे ना किसी से कोई कर्ष कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष भले भरत को दिलवा दो सिंहासन किंतु राम भी वन ना जायें सीता संग सबको समान समझो सहर्ष कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष मिलें पुत्रियों को उनके अधिकार पर ना हों पुत्रवधुओं पर अत्याचार ईर्ष्या रहित हो हर संघर्ष कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष मनुष्य महान होता कर्मों से देश श्रेष्ठ होता हर धर्मों से हो सदैव भारत का उत्कर्ष कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष

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