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वर्ष: 3, अंक 53, जनवरी(द्वितीय) , 2019



किरण परी के संग में


डॉ.प्रमोद सोनवानी पुष्प


                	
अजी रात के सन्नाटे में ,
किरण परी के संग में ।
चंदा मामा हँसते गाते ,
अजब निराले ढंग में ।।

नन्हें तारे प्यारे - प्यारे ,
करते हैं अठखेलियाँ ।
ताल - तलैयों में किरणों की ,
रंग जमाती है परियाँ ।।

दृश्य मनोहर ये दिखलाती ,
मस्ती भरी उमंग में ।
अजी रात के सन्नाटे में ,
किरण परी के संग में ।।
                 

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