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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 76, जनवरी(प्रथम), 2020

जनाजा मेरा तुम उठाने से पहले

प्रीती श्रीवास्तव

जनाजा मेरा तुम उठाने से पहले। रो लेना बहुत मुस्कुराने से पहले।। मेरे मरने का गम न करना सनम तुम। गजल गा लेना यूं जलाने से पहले।। कभी याद जब तुम्हें मेरी सताये। खता कह देना तुम छुपाने से पहले।। मेरी जिन्दगी अब खुदा के हवाले। जरा सोचना तुम भुलाने से पहले।। कसम है खुदा की ये भी जान लो तुम। नहीं दिल में कोई उठाने से पहले।। देखो अश्कों ने आंखें भी लाल कर ली। जरा रूकना तुम सजाने से पहले।।

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