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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 76, जनवरी(प्रथम), 2020

ठीक नहीं

डॉ० अनिल चड्डा

कह कर बात गँवाना ठीक नहीं, दोस्ती में घात लगाना ठीक नहीं। सवालों के घेरे मत तुम घिरे रहो, बेमतलब के जवाब पाना ठीक नहीं। जो रूठ जाते हों बात-बात पर, उन्हें बार-बार मनाना ठीक नहीं। किस पर भरोसा करें इस जमाने में, किसी को अपना बनाना ठीक नहीं। लोग मुँह फेर कर हँस देते हैं, उन्हे दिल की सुनाना ठीक नहीं।

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