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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 76, जनवरी(प्रथम), 2020

ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा

सुनील चौरसिया 'सावन'

ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा कुछ इस तरह से कर लो गुजारा कि ज़िन्दगी बन जाए सितारा मम्मी -पापा प्रेम से कहें- बिटिया है प्यारी, बेटा है प्यारा बनो अन्धे की लाठी, बेसहारों का सहारा भारत माँ के नयनों का बन जाओ तारा कुछ इस तरह से कर लो गुजारा कि ज़िन्दगी बन जाए सितारा


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