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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 76, जनवरी(प्रथम), 2020

स्वागतम् नूतन वर्ष

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

कुदरत ने रंग दिखाया | प्यारा नूतन वर्ष आया || फैल गयी घर-घर में, स्नेह-मुहब्बत की लहर | छाई उमंग हर गाँव-शहर || महक रहे सरसों जैसे मन | चहक रहे जन-जन के तन || नये साल में अच्छाई का हम सब मिलके प्रण करें | निबलों-विकलों के दु:ख हरें || मजबूत बने विश्वास हमारा | मिले खुशिओं भरा पिटारा || राष्ट्र हमारा नित करे विकास निश्चय हर दिन हो त्यौहार | मधुर रहे आपसी व्यवहार || आओ सब साथी गले मिलें | मिलकर मंजिल की ओर चलें || स्वागतम् नूतन वर्ष तुम्हारा, सुख-शांति सद् भावना | लेकर हर घर में आना ||

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