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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 76, जनवरी(प्रथम), 2020

भारत माता की पुकार

आकाश महेशपुरी

ऐ मेरे बच्चों जरा मिल-जुल के रहना सीख लो भाई भाई हो सभी तुम प्यार करना सीख लो तेरी इस माँ भारती को रौंदने आ जायेगा बैर आपस में रखोगे तीसरा धमकायेगा हो जरा मतभेद तो आपस में कहना सीख लो- भाई भाई हो सभी तुम प्यार करना सीख लो आग के दरिया में कैसे गुल खिलेगा सोचना बेवजह लड़ते रहोगे क्या मिलेगा सोचना छोटी-मोटी बात को ऐ लाल सहना सीख लो- भाई भाई हो सभी तुम प्यार करना सीख लो तुम जो लड़ते हो बहुत ही कष्ट होता है मुझे विश्व के सरताज़ हो फिर कौन समझाए तुझे मैं तेरी माँ भारती हूँ लाज रखना सीख लो- भाई भाई हो सभी तुम प्यार करना सीख लो

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