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वर्ष: 2, अंक 31,  फरवरी(द्वितीय), 2018



सोच


राजीव कुमार


अपनी बहन सरीखी सहेली दिव्या की गलती को प्रतिभा माफ नहीं कर पाई। दिव्या ने प्रतिभा का नाम ब्यूटी कान्टेस्ट से कटवा दिया था। दिव्या ने मरने से पहले माफी भी माँगी।

प्रतिभा ने ये कहा कि हमको तुमसे कोई शिकायत नहीं है।

लेकिन प्रतिभा के चेहरे पर अफसोस और गुस्से की रेखा एक साथ उभर आई थी।

प्रतिभा अवसादग्रस्त हो गई। अस्पताल के बिस्तर पर उसको खबर मिली कि अगला ब्यूटी कान्टेस्ट के लिए फार्म भरा जा रहा है।

अवसाद ने प्रतिभा के मन-मस्तिष्क को दुर्बल बना दिया था। अफसोस और गुस्से की सोच ने प्रतिभा की प्रतिभा को नष्ट कर दिया। अस्पताल में प्रतिभा की मृत्यु हो गई।


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