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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 78, फरवरी(प्रथम), 2020

जीरो से हीरो

आशीष श्रीवास्तव

नए साल में दो-दो जीरो बनकर रहना होगा हीरो हंसना होगा ठोकर खाकर बंशी बजा रहा फिर नीरो अस्त न रहना, पस्त न रहना हर हाल में मस्त ही रहना भूल ना जाना हंसना-हंसाना इस साल मत व्यस्त ही रहना समय-समय से मिलना-मिलाना बनना होगा सुपर हीरो नए साल में 2-2 जीरो बनना होगा सबको हीरो संभल-संभल कर चलना होगा चलकर फिर से संभलना होगा बदल रहा है नया जमाना खुद भी हमें बदलना होगा खुद से खुद ही मिलना होगा चाहे फिर अंबर को चीरो नए साल में 2-2 जीरो बनकर रहना होगा हीरो


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