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वर्ष: 3, अंक 54, फरवरी(प्रथम) , 2019



भारत माता की जय जयकारा तू लगाए जा


"रंजन कुमार प्रसाद"


 
आया दिल में खुशहाली ऐसे पावन पर्व का
अनुशासन का पाठ पढ़ाता इस जीवन में सर्व का
ऐसे पावन पर्व में लोग झण्डा को फहराते है
इस तिरंगा के लिए लोग अपनी जां गवाते है
ऐसे पावन पर्व में गीत संगीत तू गाए जा
भारत माता की जय जयकारा तू लगाए जा।

देश के लिए तुम याद करो गांधी की बलिदानी को
सुभाष ,चंद्रशेखर,भगत पटेल की कुरबानी को
छब्बीस जनवरी गणतंत्र दिवस को झंडा फहराते है
अम्बेडकर, देशरत्न जैसे देशभक्त याद आते है
जय हिन्द दिल्ली चलो का नारा तू लगाये जा
भारत माता की जय जयकारा तू लगाये जा।

सत्य अहिंसा परमो धर्म जिसके नस नस में है
उनके पद चिन्हों पर चलता भारत के मस मस में है
सलाम करते है उनको जो देश के वीर सपूत है
टट्टी की ओट से खेलते वह कायर कपूत है
वंदे मातरम का गीत दिल से तू गाए जा
भारत माता की जय जयकारा तू लगाए जा।

शहीद हुए है क्रन्तिकारी जो आजादी के निशानी है
अंग्रेजो से जो हार न मानी वह झाँसी वाली रानी है
कारगिल की विजय गाथा वह अटल हिंदुस्तानी है
देश विरोधी बातें करना वो जालिम पाकिस्तानी है
देश के लिए अपने तुम जन गण मन तो गाये जा
भारत माता की जय जयकारा तू लगाए जा।
                          

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