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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 74, दिसम्बर(प्रथम), 2019

भाई दूज

लवनीत मिश्रा

भाई दूज के पर्व पर, बहन करे फरियाद, नारी केवल मैं नहीं, जिसकी रक्षा तेरे हाथ। भाई रहना सजग सदा, बनना नारी की ढाल, मानसिकता पुरूषों की, बदलना तुम तत्काल। बहन बेटी माँ पत्नी, हैं उनसे घर खुशहाल, आँच ना आए कभी उन्ही, तुम रखना सदा ख्याल। ऐसा करके भाई मेरे, तू बदले सबकी सोच, धीरे धीरे जनमानस, बदल जाए एक रोज।

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