Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 50, दिसम्बर(प्रथम) , 2018



हर रिश्ता कीमती


कवि राजेश पुरोहित


   
भाईचारे व प्रेम से सभी  रहो यही  जिंदगी है।
यहीं जन्नत है सारी दुनियां को यही बताओ।।

हर रिश्ता कीमती होता है समर्पण से निभाओ।
एक एक पल जिंदगी का खुशी से बिताओ।।

न जाने कितने मोड़ आएंगे जिंदगी में तुम्हारे।
मुश्किल हालात में भी जीना सबको सिखाओ।।

कट जाता है वक़्त व्यर्थ में पता नहीं चलता है।
जितना वक़्त है पास तुम्हारे संग सबके बिताओ।।

करो जरूरतमन्द की सेवा जितनी तुम कर सको।
पर किसी गरीब का हक़ न छीनो न छिनाओ।।

उम्मीद का दीया हमेशा जलाए रखो साथ में।
लाख आफत भी आ जाये राह में इसे न बुझाओ।।

विश्वास रखो हर सद्कार्य में तुम पुरोहित इतना।
खुदी में खुदा है बाहर नहीं बस इतना याद रखो।।
 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें