Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 50, दिसम्बर(प्रथम) , 2018



थोड़ा उदास हो लूँ


डॉ० अनिल चड्डा


 
आज फिर मैं थोड़ा उदास हो लूँ,
ख्यालों में तो तेरे पास हो लूँ। 

बहुत हँसीं है ये दुनिया तेरे बिन भी,
खुद के लिए कुछ खास हो लूँ। 

हर कदम पर धोखे ही मिले हैं,
थोड़ा अपने लिए विश्वास हो लूँ। 

उधार की लेता रहा हूँ साँसे अभी तक,
खुले में अपना ही श्वास हो लूँ। 

तरसता रहा दो घूँट प्यार के लिए मैं, 
किसी और के लिए तो प्यास हो लूँ। 		 
 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें