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वर्ष: 3, अंक 50, दिसम्बर(प्रथम) , 2018



जननी


शिवेन्द्र मिश्र 'शिव'


 

          
【1】
मां के जैसा जमाने में कोई नहीं, पूर्ण ना हो सके,कभी मां की कमी, साथ है मां अगर,तो तू धनवान है- वेदों ने भी है माँ की महिमा कही।
【2】
जब उदासी कभी घेरती है मुझे, प्यार से पास अपने बिठाती मुझे, शीश पर हाथ जब फेरती वो मेरे- बन कवच मुश्किलों से बचाती मुझे।
【3】
सारे दुख दर्द मै भूल जाता हूँ तब, तेरे आंचल मे खुद को छिपाता हूँ जब, माना सब सुख नही मेरी किस्मत में हैं- मुस्कराती हो जब,चैन पाता हूँ तब।
【4】
जब तलक मां दुआएं है सर पर मेरी, तब तलक सारी दौलत है दर पर मेरी, तेरे कदमों में जन्नत सा एहसास माँ- तू ही माँ हर समस्या का हल है मेरी।

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