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वर्ष: 3, अंक 50, दिसम्बर(प्रथम) , 2018



सिगरेट का कश


डॉ दिग्विजय कुमार शर्मा 'द्रोण'


 
कच्ची उम्र में कश की लत
कभी सोचा है..
यह भी जानने की कोशिश की है
कि मेरा बेटा कहां कहां..
छिप छिपाकर
किसके साथ
सिगरेट का नशा
करता , खींचता है कश..
ये करते है ऐसा नियंत्रण
और पावर के चक्कर में
अपनी जिंदगी , अपना एक 
नया अनुभव पाने के लिए ..
खुद को बड़ा समझने के लिए
खुद को साबित करने के लिए
रोज पीते है सिगरेट और 
दोस्तों के साथ लगाते है कश..
कुछ दोस्तों के प्रेशर में पीते
कुछ अपने पिता के अधिकारों को
चुनौती देने को सदा रहते है पीते..
कौन समझाये ये क्यों है पीते
कुछ  तो पिता की लत से..
कुछ है अपने को स्मार्ट..
और बड़ा समझते,
कुछ अपनी सोसाइटी
और दोस्तो की वजह से है पीते
और कुछ के संस्कार होते हैं ऐसे
सदा  स्वस्थ्य के प्रति सचेत
न रहे तो सभी बीमारियों को 
वो हैं न्योता भी देते...
अपना जीवन बर्बाद हैं करते।		 
 

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