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वर्ष: 3, अंक 43, अगस्त(द्वितीय) , 2018



भगवान भला करें


अमित राज ‘अमित’


‘‘भगवान के नाम पर दे दो बेटा...........................................’’

अन्दर से दरवाजा खुला, एक अधेड़ उम्र की महिला ने कुछ खाना देते हुए कहा- ‘‘लो माताराम! खाना ले लो, खा लेना।’’

‘‘भगवान तुम्हारा भला करें।’’

अब वह बुढ़िया दूसरे घर की ओर बढ़ी, घर के दरवाजे के सामने जाकर दोहराया - ‘‘भगवान के नाम पर दे दो बेटा............................................’’

अन्दर से दरवाजा खुला और एक नवयुवती चिल्लाते हुए बाहर आई- क्या है? सुबह-सुबह ही माँगने आ जाते है, तुम्हें कुछ और भी काम है या ........................., तुम्हें कुछ भी नहीं मिलेगा, जाओं यहाँ से, दुबारा मत आना।’’

‘‘इतना कहकर उस युवती ने जोर से दरवाजा बन्द कर लिया।

दरवाजा बन्द होने के बाद उस बुढिया के मुँह से शब्द फूटे- ‘‘ भगवान तुम्हारा भी भला करें।’’


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