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वर्ष: 3, अंक 43, अगस्त(द्वितीय) , 2018



इतना क्यों डरते हो ?
गुजराती से हिन्दी अनुवाद


मूल कवि - कृष्ण दवे
अनुवाद - जनक वालंद और गुरुदेव प्रजापति


 	                   
इतना क्यों डरते हो ?
कमान्डो लेकर ही घूमते हो क्यों ?
आप सब हमारी हिट लिस्ट में हो ही नही |

हमारी हिट लिस्ट में तो है,
गर्भस्थ शिशु की देखभाल करती मां,
कंधा पकड बच्चे को साइकिल सिखाते पिता,
अनजान की मदद करने दौडता आम आदमी,
मरीज़ की जान बचाने की कोशीश करता डॉक्टर,
धूप में खडे़ रहकर अपनी ड्यूटी करता पुलिसमैन,
हरी सब्जी बेचता ठेलेवाला,
और,
पसीना बहाकर परिवार के लिए किराना ले जाता मजदूर |

क्या आप नहीं जानते ?
बम विस्फोट में मरने हेतु,
मासूम और निर्दोष होना कम्पलसरी है |

हम लोगो में आतंक फैलाना चाहते हैं ,आनंद नही |

 इसलिए कहता हूँ,

इतना क्यों डरते हो ?
कमान्डो लेकर ही घूमते हो क्यों ?
आप सभी हमारी हिट लिस्टमें हो ही नही 
 

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