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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 90,अगस्त(प्रथम), 2020

युवा शक्ति

गोपाल कृष्ण पटेल

युवा शक्ति का वंदन अभिनंदन करने मैं आया हूं। नई उमंगों को फिर से मैं नभ में उड़ाने लाया हूं। शून्य सार्थकता पर मंथन कर शिकागो में पाठ पढ़ाया था। युवा में वायु सा वेग बहाकर भारत का परचम लहराया था।। उस एकत्व का आज मैं तुमको इतिहास बताने आया हूं। हे भारत के वीर पुत्रो मैं तुम्हे जगाने आया हूं । छाकर तुम अब आसमान में रवि सा यू प्रकाश करो। देश को नई ऊर्जा देकर उन्नति अब ललाट करो।। फूलो सी तुम महक उड़ाकर मेहनत का आगाज करो। नई क्रांति की ज्वाला देकर अब फिर से तुम प्रयास करो।। निज गौरव को लेकर तुम भू-पर अमृत निर्माण करो। पर हार नही लेकर के तुम विजयो का माँ को हार करो।। कर्म अश्व चेतक को लेकर महाराणा सा इतिहास करो। वीर शिवाजी बनकर के तुम दुश्मनों का सर्वनाश करो।।

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