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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 90,अगस्त(प्रथम), 2020

सवाल

डॉ० अनिल चड्डा

जिस दिन मौत आएगी तो जिंदगी सवाल पूछेगी मेरे आगोश में खुश था या अब सुकून मिलेगा तुझे मैंने तो तुझे चेतना दी संवेदना दी और दी संघर्ष करने की हिम्मत जब तेरी चेतना ही जड़ हो जायेगी न रहेगा संघर्ष और न रहेगी संवेदना ही तब तेरा अस्तित्व ही कहाँ रहेगा बस मिट्टी की तरह हो जाएगा शरीर, मन, चेतना, संवेदना और तू भी मिट्टी में ही मिल जाएगा


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