मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 66, अगस्त(प्रथम), 2019

खुद को सबसे दूर किया है उसने

सलिल सरोज

खुद को सबसे दूर किया है उसने
जब से मुझे मंजूर किया है उसने

इश्क़ की राह इतनी आसान नहीं
करके, जुर्म जरूर किया है उसने

आँखें दरिया, लब समंदर हो गए
हुश्न को ऐसे बेनूर किया है उसने

खुद का अक्स साफ दिखता नहीं
खुद को चकानाचूर किया है उसने
  

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें