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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 66, अगस्त(प्रथम), 2019

दर्द ने कहा

डॉ० अनिल चड्डा

दर्द ने कहा मुझे, तुझे न छोड़ पाऊँगी, मुस्करायेगा अगर तो फिर से लौट आऊँगी। वास्ता रखेगा क्या तू किसी भी खुशगवारी से, थोड़ा सा हँसेगा, जी भर के मैं रुलाऊंगी। भागना नहीं तू मेरे डर से जिम्मेदारी से, मेरा जो साथ देगा तो मैं ही तुझको भाऊंगी। मन में किसके क्या है, कौन जान पाता है, मुझको गर बताये गीत दर्द के मैं सुनाऊँगी। सुना तो तूने होगा रोते आना, हंस के जाना है, जिंदगी को हँस के जीना कैसे, मैं बताउंगी।


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