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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 66, अगस्त(प्रथम), 2019

हिंदी और उर्दू --------

वीरेंद्र कौशल

हिंदी और उर्दू भले ही दो बहनें दोनों ही बहुत खूबसूरत गहने हिंदी और उर्दू------- दोनों पर ही है हमारी शान फिर क्यों एक हिन्दू दूसरी मुसलमान हिंदी और उर्दू-------- भाषा में इतनी मिठास फिर क्यों लगे कयास हिंदी और उर्दू------ न गला तर होता न बुझती है प्यास हिंदी और उर्दू------- यही है सगी बहनों की कहानी जो मुझे है आपको बतानी हिंदी और उर्दू------ एक है कंठस्त एक ज़ुबानी एक शहीद एक क़ुर्बानी हिंदी और उर्दू------- भाषा न धर्म न मज़हब दोनों की पकड़ है गज़ब हिन्दी और उर्दू------ एक जोड़ती है एक मिलाती एक संस्कार सिखाती एक निभाती हिंदी और उर्दू------- हिंदी और उर्दू-------


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