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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 66, अगस्त(प्रथम), 2019

अगस्त है अगस्त है

जय प्रकाश भाटिया

अगस्त है अगस्त है अगस्त है,अगस्त है अगस्त है, महीना बड़ा मस्त है,महीना बड़ा मस्त है, सावन की रिम झिम है मौसम बड़ा मस्त है अगस्त है अगस्त है,,महीना बड़ा मस्त है, सावन में से इसका ,हुआ है शुभारम्भ , हर हर महादेव के नारो से गूँज उठा है सारा आलम. शिव लिंग पर दूध दही की सरिता बह रही है, जन मानस की भीड़ मंदिरों में उमड़ पडी है, सब कितना शुभ और कितना दिलचस्प है, अगस्त है अगस्त है, महीना बड़ा मस्त है पानी जहाँ रिमझिम बरस बरसा बच्चे खेलने में व्यस्त हैं, जहाँ ज्यादा पानी वह क्षेत्र बाढ़ ग्रस्त है और कहीं कहीं सूखा ?? कुदरत का नज़ारा कितना अस्त-व्यस्त है, अगस्त है अगस्त है,अगस्त है अगस्त है, अगस्त के मध्य में मनायेंगें आज़ादी का दिन, देशभक्त और वीर जवानों को हम करेंगें स्मरण , जिनके बलिदान स्वरुप यह दिन हुआ है मुमकिन, तिरंगा फहरा कर नेता, भाषण देने में व्यस्त हैं अगस्त है अगस्त है, महीना बड़ा मस्त है कुछ लोग ऐसे मौसम में भी निरस्त है वर्षा में भीगने के नहीं अभ्यस्त है, छुट्टी का बना कर बहाना घर बैठने को उन्मत है, ऐसे सब केवल मोबाइल में व्यस्त हैं अगस्त है अगस्त है, अगस्त है अगस्त है, महीना बड़ा मस्त है, महीना बड़ा मस्त है, अगस्त में रहेगी प्यार की बहार आएगा भाई बहन का प्यारा त्यौहार इसीलिए रक्षा बंधन का भी है इंतज़ार . फिर श्री कृष्ण जन्माष्टमी की धूम.मचेगी, मंदिरों में कितनी सुंदर झांकियां सजेगी . ग्वाल बाल , गोपियाँ नाचने में अभ्यस्त हैं, अगस्त है अगस्त है,अगस्त है अगस्त है, महीना बड़ा मस्त है,महीना बड़ा मस्त है,


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