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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 66, अगस्त(प्रथम), 2019

अपनापन

आशीष श्रीवास्तव

अपनेपन की, नस्ती नई बस्ती से ज्यादा अच्छे, पुरानी बस्ती में हम थे मिले-जुले बुजुर्गों की, सरपरस्ती में हम थे सुख-दुख सबके एक थे मिल-जुलकर रहते थे वो भी क्या दिन थे बचपन की कश्ती में हम थे इधर सबके बंद दरवाजे, किससे बात करें उधर जिंदादिल लोगों की, गश्ती में हम थे नई बस्ती से ज्यादा अच्छे, पुरानी बस्ती में हम थे मिले-जुले बुजुर्गों की, सरपरस्ती में हम थे ऊंच-नीच का भेद नहीं सब दिल के रिश्ते थे जात-पांत से दूर, वहांॅ अपनेपन में, नस्ती में हम थे इधर सब घर के अंदर दुबके, खुद से ही मतलब उधर सबकी खुशियों में खुश, अपनी मस्ती में हम थे नई बस्ती से ज्यादा अच्छे, पुरानी बस्ती में हम थे मिले-जुले बुजुर्गों की, सरपरस्ती में हम थे। नस्ती मतलब संलग्न/सम्मिलित/अटैच सरपरस्ती मतलब संरक्षण


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