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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 66, अगस्त(प्रथम), 2019

कौन छुड़ाऐ

कमला घटाऔरा

1. वृद्धावस्था रोग बन्धु बांधव रिश्ते गायब । 2. कफ प्रकोप रात भर खाँसना होना बेदम । 3. चाल बदली पग डगमगाये छड़ी सहारा । 4. यादें धुँधली पहचान भी भूली विस्मृति रोग । 5. लगाके चश्मा कंपकंपाये हाथ टटोले चश्मा। 6. परिवर्तन कराये समझौते घेरे बेबसी । 7. जीवन खेल रुलाये औ हंसाये मृत्यु प्रयन्त । 8. श्रवण इन्द्री हुई दुर्बल हाय! बने बहरे । 9. निद्रा है रूठी सन्नाटे का पहरा रातें गहरीं । 10. प्राण पखेरू चाहे होना आजाद कौन छुड़ाऐ ?


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