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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 66, अगस्त(प्रथम), 2019

हाइकु

अशोक बाबू माहौर

  1.

जीना सीखा है 
आपके शहर में 
खुशी जाहिर

  2.

कागज कोरा 
लिखूँ कविता अभी 
गीत गजल

  3.

पैदल चलूँ 
राह थकान भरी 
आधी अधूरी

  4.

आँधी शहरी 
हल्की फुल्की बहती 
तंग करती
  

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