मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 58, अप्रैल(प्रथम), 2019

गुड़िया की होली

प्रिया देवांगन "प्रियू"

छमछम करती गुड़िया रानी , घर आँगन मे आई । अपने हाथो रंगे लेकर , सबको खूब लगाई ।। हाथो मे पिचकारी लेकर , दादी को भीगाई । दौड़ दौड़ कर गुड़िया रानी , सब को रंग लगाई ।। मम्मी ने पकवान बनाई , पापा भांग मिलाये । बच्चे बूढ़े सभी जनों ने , झूम झूम कर गाये ।।


कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें