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वर्ष: 2, अंक 29, जनवरी(द्वितीय), 2018



कौन है कृष्ण


सुशील शर्मा



कृष्ण सामाजिक क्रान्ति का नाम है। 
कृष्ण संकल्प , साधना का धाम है। 
कृष्ण से स्त्री पुरुष का पोषण है 
कृष्ण रिश्तों का समर्पण है।  
कृष्ण दलित शोषितों के नायक हैं। 
कृष्ण वंचितों के अधिनायक हैं।   
कृष्ण प्रकृति का आकर्षण है। 
कृष्ण परमेश्वर का व्यतिकरण है। 
कृष्ण विध्वंस में भी सृजन का योग है।  
कृष्ण नवनिर्माण का वृहद संयोग है। 
कृष्ण युवाओं की तरुणाई अंगड़ाई है। 
कृष्ण सामाजिक चेतना की लड़ाई है। 
कृष्ण समाज का आह्लाद नृत्य है। 
कृष्ण सम्पूर्ण चेतना का सत्य है। 
कृष्ण ज्ञान आत्मसात की आकांक्षा है।
कृष्ण हर मन की महत्वाकांक्षा है।   
कृष्ण खगोल में राशियों का रास हैं। 
कृष्ण नक्षत्रों का महारास है। 
कृष्ण नृत्य करती धरती है। 
कृष्ण स्वप्रभावित प्रकृति है। 
कृष्ण भौगोलिक ही नहीं सामाजिक ध्रुवीकरण हैं। 
कृष्ण आत्मा ,जीव और परमात्मा का समीकरण है। 


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