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वर्ष: 2, अंक 29, जनवरी(द्वितीय), 2018



दोहे(फेसबुक दोहावली)-...


पीयूष कुमार द्विवेदी 'पूतू'


   
स्टेटस् अपने डालकर,मिलता चैन विशेष।
लगता कवि बस मैं यहाँ,पाठक-श्रोता शेष॥1॥

जब लाइक के साथ में,पाते एक कमेँट।
बाग-बाग दिल हो रहा,'पूतू' सौ परसेंट॥2॥

फोटो अपनी टैगकर,होता हृदय प्रसन्न।
केवल नाइस देखकर,दिल हो जाए सन्न॥3॥

जब भी होगा जन्मदिन,पता चलेगा यार।
दे करके शुभकामना,फर्ज करें स्वीकार॥4॥

जब भी दिखते चैट पर,भेज रहें संदेश।
हो शुरुआत हाय से,गपशप करें विशेष॥5॥

भिन्न-भिन्न स्टीकर करें,इक-दूजे को सेंड।
हँसे कभी होते दुःखी,अपने सारे फ्रेंड॥6॥

फीलिंगस् हम कर रहें,प्रतिदिन अपनी पोस्ट।
पल-पल की रखते खबर,सभी हमारे दोस्त॥7॥

प्रोफाइल तस्वीर को,चेंज करें हम रोज।
मुश्किल से करने लगे,मित्र हमारी खोज॥8॥

जो दिल को अच्छा लगे,शेयर करें तुरंत।
टाइमलाइन पर दिखे,छाया हुआ बसंत॥9॥

लड़की की तस्वीर पर,है कमेंट का ढेर।
लड़के की सूनी पड़ी,हुई बहुत ही देर॥10॥

पेज बनाकर अब सभी,करने लगे प्रचार।
व्यापारी प्लेयर कवी,मंत्री या सरकार॥11॥

मिले अनेकों ग्रुप बने,भाँति-भाँति के नाम।
पाबंदी इन पर कई,मिलतीं सुबहो-शाम॥12।।

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें