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वर्ष: 2, अंक 27, दिसम्बर(द्वितीय), 2017



माँ का कुल संसार


डॉ०नीना छिब्बर


  

माँ के पत्र में 
कुछ शब्द हैं ,कुल प्यार
कुछ सूखा है, कुल गीला
कुछ भाव् हैं, कुल बेभाव 

कुछ आंकडे हैं, कुल जायदाद  
कुछ बकवाद है ,कुल आशीर्वाद 
कुछ संस्कार हैं, कुल हाहाकार 
           
कुछ अपनत्व है, कुल स्वार्थ है 
कुछ घी-तेल की गंध है, कुल बेस्वाद 
कुछ बिन अक्षरों के शब्द ,कुल भूलों का भंडार
             
पुत्र समझ न पाया, कांपती उंगलियों से लिखा 
कुछ स्वार्थ नहीं, कुल प्यार है 


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