Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 45, सितम्बर(द्वितीय) , 2018



सुन कान्हा ...


कवि जसवंत लाल खटीक


जय श्री कृष्णा

भगवान श्री कृष्ण की कृपा से आपके जीवन में प्रेम, सौहार्द और खुशियां बनी रहें । सभी देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एव बहुत बहुत शुभकामनाएं ।
 

सुन कान्हा , तू फिर से आना
बुलाये  संसार रे ,
कर दे तू , हमारा  बेड़ापार रे ....

माँ धरती कहती है , कान्हा आजा
हो रहा , अत्याचार रे 
तू आजा और , करजा बेड़ा पार रे ...
सुन कान्हा..........

लड़किया कहती है , कान्हा आजा 
हो रहे  , बलात्कार रे , 
तू आके दिखलाजा चमत्कार रे ।।
सुन कान्हा .........

जनता कहती है , कान्हा आजा
हो रहे , अत्याचार रे 
तू आके दिलाजा इंसाफ रे
सुन कान्हा........

माई बाप कहते है कान्हा आजा
हो रहे हम , लाचार रे
तू आके समझा दे हमारा प्यार रे
सुन कान्हा...........

गरीब कहता है कान्हा आजा
हो रहे  , बेरोजगार रे
तू आके दिलाजा रोजगार  रे
सुन कान्हा ...........

नारी कहती है कान्हा आजा
करो ना , अब विचार रे
तू आके दिलाजा राधासा प्यार रे
सुन कान्हा.............

"जसवंत" कहता है कान्हा आजा
करता  सुदामा , जैसी आस रे
तू आके बना दे मुझे  यार रे
सुन कान्हा ................
 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें