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वर्ष: 1, अंक 4, अक्टूबर, 2016



तमाचा

सपना मांगलिक


अ और ब दोनों पति पत्नी हैं ।अ जब देखो तब ब को प्रताड़ित करता रहता है ।कभी कभी जरा सी बात पर ब पर हाथ भी उठा देता है ।ब अपने बच्चों के लिए खामोश रहती है ।शायद वह बच्चों को खराब घरेलू माहौल नहीं देना चाहती ।मगर अ इसे उसकी लाचारी या कमजोरी समझ मन ही मन अपने पुरुषत्व पर गर्व करता है ।एक बार अ और ब किसी शादी समारोह से लौट रहे थे ।रास्ते में कुछ गुंडों ने उन्हें घेर लिया ।अ डर के मारे उन गुंडों के सामने गिडगिडाने लगा और गुंडों को अपने करीब आते देख ब के पीछे छिप गया ।ब ने चालाकी से अपनी साडी के पल्लू में से मोबाइल में लगा इमरजेंसी अलार्म शुरू कर दिया ।अचानक तेज आवाज में बजती पुलिस सायरन की आवाज से गुंडे डर गए और भाग निकले ।गुंडों के जाने के अ जो अब तलक ब के पीछे छिपा हुआ था ।बाहर निकलकर आया और दोनों वापस घर की ओर लौटने लगे ।घर आकार अ बार बार अपने गाल को सहला रहा था ।शायद किसी अदृश्य तमाचे की चोट उसके चेहरे पर बार - बार उभर कर आ रही थी ।
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