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वर्ष: 1, अंक 4, अक्टूबर, 2016



दूसरा भगवान

कुमार गौरव


मूर्तिकार ने ढे़रों गणपति बनाकर धूप में रखे उसमें कुछ अधबने भी थे । तभी अचानक जोरकी बारिश आ गई । पूरा परिवार जल्दी जल्दी मूर्तियों को समेटने में लग गया । समेटते समेटते सब भींग गये । गृहिणी ने आदेश किया " सबलोग सर पोंछ लें और कपड़े बदल लें।" तभी ख्याल आया " रोहन कहां है । " बाहर नजर दौड़ाई तो देख सात साल का रोहन अपना छोटू छाता लिए एक अधबने नन्हें गणपति को बारिश से बचा रहा था,और खुद भींग रहा था । वो चिल्लाये " अंदर आजा रोहन । " रोहन ने ना में हाथ हिलाया । तो मूर्तिकार ने दौड़कर उसे गोद में उठा लिया । रोहन ने विरोध किया "नहीं भगवान भींग जाएंगे।" मूर्तिकार ने अनसुना करते हुए उसे धमकाया " भगवान तो दूसरा बना लेंगे तू बीमार हो गया तो मुसीबत हो जाएगी ।"
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